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घर पर करें केसर की खेती और कमाएं हर साल ₹12 लाख तक, जानिए पूरी प्रक्रिया, लागत और मुनाफे का गणित

घर पर करें केसर की खेती और कमाएं हर साल ₹12 लाख तक, जानिए पूरी प्रक्रिया, लागत और मुनाफे का गणित

क्या आपने नागपुर के अक्षय और दिव्या के बारे में सुना है? इन्होंने घर पर ही कश्मीरी केसर उगाने का एक अनोखा तरीका विकसित किया है और अब हर साल इस तकनीक से ₹50 लाख तक की कमाई कर रहे हैं। यह साबित करता है कि केसर की खेती सिर्फ कश्मीर तक सीमित नहीं है, बल्कि अगर सही तकनीक और वातावरण मिल जाए, तो इसे घर पर भी उगाया जा सकता है।

केसर एक कीमती और औषधीय मसाला

केसर न केवल दुनिया के सबसे महंगे मसालों में से एक है, बल्कि इसके औषधीय गुण भी इसे विशेष बनाते हैं। इसकी भारी मांग और सीमित उत्पादन इसे एक लाभदायक फसल बनाता है। यदि आप भी घर पर या छोटे स्तर पर खेती शुरू करना चाहते हैं, तो केसर एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।

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घर पर करें केसर की खेती और कमाएं हर साल ₹12 लाख तक, जानिए पूरी प्रक्रिया, लागत और मुनाफे का गणित

केसर की खेती के लिए सही मौसम और तापमान

केसर की खेती के लिए आदर्श तापमान 15°C से 25°C के बीच होना चाहिए। यह पौधा ऐसे वातावरण में अच्छे से विकसित होता है, जहां गर्मी और ठंड दोनों की संतुलित मात्रा मौजूद हो। इसे उगाने के लिए नियंत्रित तापमान और आर्द्रता बेहद जरूरी है, जिसके लिए ग्रीनहाउस एक प्रभावी समाधान है।

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मिट्टी और बल्ब का चयन

केसर के लिए रेतीली दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। मिट्टी का पीएच मान 6 से 8 के बीच होना चाहिए और उसमें जैविक तत्वों की भरपूर मात्रा होनी चाहिए। केसर के बल्ब का चयन भी बेहद महत्वपूर्ण है। एक गुणवत्ता युक्त बल्ब की कीमत ₹80 से ₹160 तक हो सकती है। अच्छे बल्ब से ही बेहतर उत्पादन की उम्मीद की जा सकती है।

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केसर की रोपण प्रक्रिया और देखभाल

केसर के बल्बों को जून से सितंबर के बीच रोपना सबसे उचित समय होता है। बल्बों को 3 से 4 इंच गहराई और 6 इंच की दूरी पर लगाना चाहिए। सिंचाई करते समय ध्यान रखना चाहिए कि मिट्टी में पानी की निकासी अच्छी हो, ताकि बल्ब सड़ न जाएं और फंगल संक्रमण से बचाव हो सके। अंकुरण के बाद सिंचाई की जरूरत कम होती है, लेकिन मिट्टी में नमी बनाए रखना जरूरी होता है। जैविक खाद का उपयोग मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में सहायक होता है।

केसर की हार्वेस्टिंग और प्रोसेसिंग

केसर की कटाई अक्टूबर के अंत या नवंबर की शुरुआत में की जाती है। इस प्रक्रिया में विशेष सावधानी बरतनी होती है क्योंकि केसर के फूल बहुत नाजुक होते हैं। फूलों को सुबह के समय तोड़ा जाता है और फिर उनमें से केसरिया धागों को बड़ी बारीकी से निकाला जाता है। प्रत्येक फूल में 3 से 4 धागे होते हैं। इन धागों को एक जालीदार प्लेट पर रखकर 30°C से 40°C तापमान में सुखाया जाता है। एक बार सूखने के बाद इन्हें एयरटाइट कंटेनर में सुरक्षित रख दिया जाता है।

लागत का अनुमान

केसर की खेती में शुरुआती निवेश ₹2 लाख से ₹3 लाख के बीच हो सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप खेती कितने बड़े स्तर पर कर रहे हैं। यदि आप 5000 बल्ब लगाते हैं, तो बल्ब की कीमत, ग्रीनहाउस सेटअप, ड्रिप सिंचाई, जैविक खाद, मजदूरी, स्टोरेज और पैकिंग को मिलाकर कुल खर्च इस दायरे में आ सकता है।

केसर से कितना मुनाफा?

प्रत्येक केसर के फूल से औसतन 3 धागे प्राप्त होते हैं। लगभग 150 फूलों से 1 ग्राम शुद्ध केसर प्राप्त होता है। बाजार में इसकी कीमत ₹800 से ₹1600 प्रति ग्राम तक होती है। यदि आप 5000 बल्ब लगाते हैं, तो हर साल लगभग 500 से 800 ग्राम केसर उत्पादन संभव है। इस आधार पर आपकी कमाई ₹4 लाख से ₹12 लाख तक हो सकती है।

बिक्री के स्मार्ट विकल्प

केसर को आप विभिन्न प्लेटफार्मों पर बेच सकते हैं जैसे कि ऑर्गेनिक स्टोर्स, किसान मंडियों, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स (Amazon, Etsy) और अपनी खुद की वेबसाइट। इसके अलावा आप हर्बल उत्पाद बनाने वाली कंपनियों और स्थानीय दुकानदारों से साझेदारी कर सकते हैं।

निष्कर्ष:

घर पर केसर उगाना एक नया लेकिन बेहद लाभकारी कृषि व्यवसाय है। यदि आप सटीक तकनीक, सही पर्यावरण और उचित देखभाल के साथ इसकी शुरुआत करते हैं, तो यह व्यवसाय आपके लिए बहुत लाभकारी साबित हो सकता है। आज केसर की भारी मांग और सीमित आपूर्ति के चलते इसमें मुनाफा कमाने की भरपूर संभावनाएं हैं।

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