Getting your Trinity Audio player ready...

गर्मियों के मौसम में पानी की कमी एक आम समस्या बन जाती है, जिससे गमले के पौधों की मिट्टी जल्दी सूख जाती है। इससे पौधे मुरझा जाते हैं और बार-बार पानी देने की चिंता बढ़ जाती है। ऐसे में अगर कोई ऐसा ऑर्गेनिक उपाय मिल जाए जिससे मिट्टी में लंबे समय तक नमी बनी रहे, तो यह सच में राहत देने वाला होगा। इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही प्राकृतिक और घरेलू उपायों के बारे में बताएंगे, जिनसे आपके पौधे गर्मियों में भी हरे-भरे और ताजे बने रहेंगे।

नारियल का भूसा और वॉटर जेल क्रिस्टल का कमाल

नारियल का भूसा, जिसे कोकोनट कोयर भी कहते हैं, एक बेहतरीन प्राकृतिक सामग्री है, जो मिट्टी में नमी बनाए रखने में मदद करती है। यह पानी को सोखकर धीरे-धीरे छोड़ता है, जिससे मिट्टी ज्यादा समय तक गीली बनी रहती है। अगर आप इसे वॉटर जेल क्रिस्टल के साथ मिलाकर पौधों की मिट्टी में मिलाते हैं, तो यह मिश्रण मिट्टी की नमी बनाए रखने की क्षमता को लगभग दस गुना तक बढ़ा देता है।

वॉटर जेल क्रिस्टल पानी को सोखकर रख लेते हैं और पौधे को जरूरत के हिसाब से धीरे-धीरे नमी छोड़ते हैं। ये क्रिस्टल अब आसानी से ऑनलाइन उपलब्ध हैं और कई नर्सरी वाले इन्हें गमले में इस्तेमाल करते हैं। नारियल भूसा और वॉटर जेल क्रिस्टल का यह संयोजन गर्मियों में मिट्टी को जल्दी सूखने से रोकने के लिए अद्भुत उपाय है।

मिट्टी के पोरस होने की समस्या और उसका हल

गर्मियों में मिट्टी के जल्दी सूखने की मुख्य वजह उसका अधिक पोरस यानी झरझरा होना है। पोरस मिट्टी पौधों की जड़ों के लिए तो अच्छी होती है क्योंकि इससे हवा का प्रवाह बना रहता है, लेकिन इससे नमी जल्दी खत्म हो जाती है। इसका समाधान है कि पौधों के गमले की ऊपरी सतह पर नारियल का भूसा या वॉटर जेल क्रिस्टल की एक परत बिछा दी जाए। इससे मिट्टी के ऊपर एक सुरक्षात्मक परत बन जाती है, जो स्पंज की तरह काम करती है और नमी को लंबे समय तक रोके रखती है।

पौधों को हरा-भरा रखने का ऑर्गेनिक
पौधों को हरा-भरा रखने का ऑर्गेनिक

अखबार और कार्डबोर्ड की उपयोगिता

हर घर में रद्दी के तौर पर पड़े हुए अखबार और कार्डबोर्ड भी मिट्टी की नमी बनाए रखने में बेहद काम आ सकते हैं। सबसे पहले आप कोकोनट कोयर को गमले में डालें, फिर अखबार को गीला करके उसकी परत मिट्टी के ऊपर बिछा दें। अगर कार्डबोर्ड उपलब्ध हो, तो उसके छोटे टुकड़े करके पानी में भिगोकर इस्तेमाल करें।

इसका मुख्य फायदा यह है कि जब तेज धूप पड़ेगी, तो वह सीधे मिट्टी पर न पड़कर अखबार या कार्डबोर्ड पर पड़ेगी। इससे मिट्टी के अंदर की नमी लंबे समय तक बनी रहती है। यह तकनीक जड़ों को सूरज की सीधी किरणों से बचाती है और मिट्टी के सूखने की गति को काफी हद तक कम कर देती है।

एलोवेरा जेल और गुड़ से पौधों को दें अतिरिक्त ठंडक

पौधों को अतिरिक्त ठंडक देने और मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एलोवेरा जेल और गुड़ का उपयोग बहुत प्रभावी है। अगर आपके गार्डन में एलोवेरा का पौधा है, तो उसकी पत्ती से एक चम्मच जेल निकालकर उसे एक लीटर पानी में घोलें और इस पानी को पौधों में डालें। इससे पौधों की जड़ों को ठंडक मिलती है और वे मजबूत बनती हैं।

इसी तरह, एक चम्मच गुड़ को एक लीटर पानी में घोलकर पौधों में देने से मिट्टी में माइक्रोबियल गतिविधि बढ़ती है, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है और पौधे स्वस्थ रहते हैं। यह उपाय गर्मियों में खासतौर पर फायदेमंद साबित होता है।

अपने अनुभव हमारे साथ साझा करें

गर्मियों में आप अपने पौधों की देखभाल के लिए कितनी बार पानी देते हैं? क्या आपने इनमें से कोई तरीका पहले अपनाया है? या आपके पास कोई और कारगर घरेलू उपाय है? अपने अनुभव और सुझाव हमारे साथ कमेंट में जरूर साझा करें, ताकि और लोग भी इससे लाभ उठा सकें।

Join whatsapp group Join Now
Join Telegram group Join Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Explore More

जनवरी में लगाये फूलगोभी की यह 5 उन्नत किस्मे, होगी 3 से 4 लाख रूपए तक की कमाई, जानिए कैसे?

जनवरी में लगाये फूलगोभी की यह 5 उन्नत किस्मे, होगी 3 से 4 लाख रूपए तक की कमाई

किसान भाई अच्छी क्वालिटी के साथ अच्छा उत्पादन वाली फूलगोभी की यह 5 हाइब्रिड किस्मे जो कठिन परिस्थितियो में भी बेहतर उत्पादन देती है फूलगोभी की खेती में फूलगोभी की

बरसात के सीजन में लगाये बाजरे की ये टॉप 5 हाइब्रिड किस्मे | Bajre ki Top 5 Hybrid Kism

बरसात के सीजन में लगाये बाजरे की ये टॉप 5 हाइब्रिड किस्मे | Bajre ki Top 5 Hybrid Kism

जून जुलाई जो की खरीब का सीजन कहा जाता है इस में बाजरे की खेती के लिए बुवाई शुरू हो जाती है हम इस बाजरे की बुवाई करते है तो

प्याज की खेती से लाखों की कमाई: जानिए नर्सरी, लागत, उत्पादन और मुनाफे का पूरा गणित

प्याज की खेती से लाखों की कमाई: जानिए नर्सरी, लागत, उत्पादन और मुनाफे का पूरा गणित

प्याज की खेती क्यों है फायदेमंद? हम पिछले कई वर्षों से प्याज की खेती कर रहे हैं और साल में दो से तीन बार प्याज लगाते हैं। इस समय भी