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भारत में बहुत सारे येसे किसान भाई जिनको की सफ़ेद आलू से ज्यादा लाल आलू उनको अच्छा लगता है तो आज हम आपको लाल आलू की 5 बेस्ट वैरायटी जो देगी रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन के साथ अच्छी कमाई बताने वाले है यह किस्म काफी अच्छा उत्पादन देती है और आलू के प्रति काफी बड़ी समस्या देखने को मिलती है वो है झुलसा रोग उनके प्रति ये पाचों किस्मे रोग प्रतिरोधक होती है

भारत में लाल आलू के खेती मुख्य तह पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, गुजरात, उड़ीसा, असम और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में की जाती है पुरे भारत में जितनी आलू की खेती होती है उसका एक चौथाई भाग वो लाल आलू की खेती होती है

लाल आलू की खेती मुख्य तौर पर बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पंजाब के कुछ जिलो में कुछ गुजरात के जिलो में की जाती है लाल आलू की किम्मत सफ़ेद आलू से ज्यादा होती है

लाल आलू की 5 बेस्ट वैरायटी

लाल आलू की 5 बेस्ट वैरायटी जो देगी रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन के साथ अच्छी कमाई, जानिए कैसे

1. कुफरी कंचन

यह किस्म 1999 में लायी गयी थी इसका रंग गहरा लाल होता है और आलू का आकार अंडाकार होता है और आलू के अन्दर का भाग क्रीम रंग का होता है यह आलू की किस्म 90 से 100 दिन में तैयार हो जाती है इसका उत्पादन 25 से 30 टन प्रति हेक्टेयर का होता है और यह वैरायटी पछेती झुलसा रोग के प्रति काफी सहनशील होती है इसमें जमाव अन्य किस्मो की अपेक्षा ज्यादा होता है तो इस किस्म का चुनाव आप कर सकते है

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2. कुफरी माणिक

यह किस्म 2019 में आई है यानी की यह किस्म अभी नयी है इस किस्म का रंग गहरा लाल रंग का होता है और इसका आकार अंडाकार होता है और इसके अन्दर का गुदा पीले रंग का होता है यह किस्म 90 से 100 दिन में तैयार हो जाती है इसका उत्पादन 30 से 35 टन प्रति हेक्टेयर होता है खाने में काफी अच्छा स्वाद होता है इसलिए इस किस्म को ज्यादा पसंद किया जाता है और यह झुलसा रोग के प्रति काफी सहनशील होती है

3. कुफरी नीलकंठ

यह किस्म 2018 में आई है यह भी ज्यादा पुरानी किस्म नहीं है इसका छिलका यानी की रंग बैगनी रंग का होता है इसकी गुदा क्रीम सफ़ेद रंग की होती है यह आलू भी बिलकुल गोलाकार होता है यह किस्म 100 दिन में पककर तैयार हो जाती है इसका उत्पादन प्रति हेक्टेयर 35 से 40 टन होता है और यह भी झुलसा रोग के प्रति काफी सहनशील होती है

4. कुफरी ललित

यह किस्म 2013 में आई थी इसका कंद गोल होता है इसका गुदा पीले रंग की होती है 90 से 100 दिन में यह किस्म पककर तैयार हो जाती है और 30 से 35 टन प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन देती है यह भी झुलसा रोग के प्रति काफी सहनशील होती है

5. कुफरी केसर

यह किस्म 2017 में आई है इसका रंग डार्क लाल रंग का होता है और गुदा पीले रंग का होता है यह किस्म 80 से 90 दिन में पककर तैयार हो जाती है और 30 से 35 टन प्रति हेक्टेयर का उत्पादन देती है आलू का आकार पूरा गोलाकार होता है यह भी पछेती झुलसा रोग के प्रति काफी सहनशील होती है

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