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बारिश का मौसम किसानों के लिए खेती का स्वर्णिम समय होता है। खासतौर पर गेंदे की खेती इस सीजन में इतनी लाभदायक होती है कि इसे सही मायनों में “पैसा छापने की मशीन” कहा जा सकता है। इसके पीछे तीन प्रमुख कारण हैं जो इसे अन्य फसलों से कहीं ज्यादा लाभदायक बनाते हैं।

त्योहारी सीजन में जबरदस्त भाव

सबसे पहला कारण यह है कि जब आप जुलाई में गेंदे की नर्सरी लगाते हैं और तीन महीने के अंदर उत्पादन लेना शुरू करते हैं, तब देशभर में त्योहारों का मौसम शुरू हो जाता है। गणेश चतुर्थी, दशहरा, नवरात्रि और फिर दिवाली जैसे बड़े त्योहारों के समय गेंदे की मांग तेजी से बढ़ जाती है। यही कारण है कि मंडियों में गेंदे के फूलों का भाव ₹50 से ₹70 प्रति किलो तक पहुंच जाता है।

तीन महीने में पूरी फसल कम समय, ज्यादा लाभ

दूसरा बड़ा कारण यह है कि गेंदे की फसल को टमाटर, मिर्च या शिमला मिर्च जैसी 5–6 महीने की लंबी साइकिल की जरूरत नहीं होती। गेंदे की पूरी फसल सिर्फ तीन महीनों में तैयार हो जाती है। यानी आपका खेत कम समय में खाली हो जाता है और आप अगली फसल की तैयारी भी कर सकते हैं।

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इंटरक्रॉपिंग के साथ रोग नियंत्रण का बेहतरीन विकल्प

तीसरा कारण यह है कि गेंदे की खेती के साथ आप अन्य फसलों जैसे फूलगोभी, पत्ता गोभी, टमाटर आदि की इंटरक्रॉपिंग कर सकते हैं। गेंदे का पौधा न केवल कीट-रोग नियंत्रण में मदद करता है बल्कि इसकी खुशबू और विशेषताओं के कारण यह निमेटोड और अन्य कीटों को भी नियंत्रित करता है। इस वजह से यह आपके खेत में कीटनाशकों की लागत को भी कम करता है।

गेंदे की नर्सरी लगाने का सही समय और तरीका

गेंदे की नर्सरी आप बारिश के मौसम में 15 जून से 30 जून के बीच तैयार कर सकते हैं। अगर आप थोड़ा लेट हो जाएं, तो 15 जुलाई तक भी नर्सरी लगाना उपयुक्त रहता है। नर्सरी दो तरीकों से तैयार की जा सकती है एक प्रोट्रे (कोकोपीट) में और दूसरा पारंपरिक क्यारियों में।

क्यारियों की तैयारी के लिए आप सबसे पहले गोबर की सड़ी खाद मिलाएं, फिर लाइनें बनाकर बीजों की बुवाई करें और उन पर हल्की मिट्टी की परत डाल दें। इसके बाद नमी बनाए रखने के लिए सिंचाई करें। नर्सरी के ऊपर एक हल्का शेड बनाएं ताकि तेज बारिश और सीधी धूप से पौधे सुरक्षित रहें।

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उत्तम बीजों का चुनाव

बीजों के चयन में आप यूएस एग्रीसीड्स SW-507 (नारंगी फूल), SW-502 (पीले फूल), इंडस आस्था गेंदा, नामधारी अफ्रीकन डबल ऑरेंज (नारंगी फूल) और नामधारी मिक्स मेरीगोल्ड (पीले-नारंगी दोनों फूल) जैसे बीजों का उपयोग कर सकते हैं। बीजों का चुनाव आपके स्थानीय मंडी के डिमांड पर आधारित होना चाहिए।

गेंदे के पौधों की रोपाई और खेत की तैयारी

गेंदे की नर्सरी 25–30 दिनों में ट्रांसप्लांट के लिए तैयार हो जाती है। खेत में रोपाई से पहले भूमि की जुताई, पाटा लगाना और जैविक खाद डालना जरूरी है। रोपाई करते समय पौधों की दो लाइनों के बीच 3 फीट और एक पौधे से दूसरे पौधे के बीच आधा फीट की दूरी रखें। इस तरह से लगाए गए पौधों के बीच आप कल्टीवेटर का भी प्रयोग कर सकते हैं, जिससे खरपतवार की सफाई आसान हो जाती है और मजदूरी का खर्च भी बचता है।

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उत्पादन बढ़ाने के लिए पिंचिंग और मिट्टी चढ़ाना जरूरी

जब गेंदे के पौधे 20 दिन के हो जाएं तो पिंचिंग यानी मुख्य तने से निकल रही शाखाओं और पहली कली को तोड़ देना चाहिए। इससे पौधा और ज्यादा शाखाएं बनाता है, जिससे फूलों की संख्या बढ़ती है और कुल उत्पादन 2 से 3 गुना तक बढ़ जाता है।

इसके अलावा रोपाई के एक महीने बाद पौधे के आधार पर मिट्टी चढ़ाएं। इससे पौधे मजबूत होते हैं और हवा या बारिश में गिरते नहीं हैं।

कीट और रोग नियंत्रण के उपाय

गेंदे की फसल पर सफेद मक्खी, थ्रिप्स और स्पाइडर माइट जैसे कीटों का हमला हो सकता है, जिससे पत्तियां मुड़ जाती हैं और विकास रुक जाता है। ऐसे में आप थ्रेट सुपर पावर 1.5 एमएल प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें।

फंगल रोग जैसे लीफ स्पॉट में पत्तियों पर भूरे या काले धब्बे बनते हैं। इसके लिए मेनकोजेब 2 से 3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करना चाहिए।

गेंदे की फसल के साथ किन फसलों की इंटरक्रॉपिंग करें?

आप बारिश के मौसम में गेंदे की खेती के साथ फूलगोभी, पत्ता गोभी और टमाटर जैसी फसलों की इंटरक्रॉपिंग कर सकते हैं। यह तकनीक उत्पादन को बढ़ाने और नुकसान की भरपाई में मदद करती है।

कितनी कमाई हो सकती है?

अगर आप 1 एकड़ जमीन में गेंदे की खेती करते हैं और औसतन 40 क्विंटल उत्पादन मिलता है, और मंडी भाव ₹50 प्रति किलो होता है, तो आपकी कमाई ₹2 लाख के आसपास होगी। यानी सिर्फ 3 महीने में लाखों की आमदनी संभव है।

FAQ – गेंदे की खेती को लेकर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: गेंदे की फसल लगाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
उत्तर: बारिश के मौसम में जून के मध्य से जुलाई मध्य तक गेंदे की नर्सरी लगाना सबसे उपयुक्त होता है।

प्रश्न 2: क्या गेंदे के साथ अन्य फसलें भी उगाई जा सकती हैं?
उत्तर: हां, गेंदे के साथ फूलगोभी, पत्ता गोभी और टमाटर जैसी फसलों की इंटरक्रॉपिंग आसानी से की जा सकती है।

प्रश्न 3: गेंदे की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान किससे होता है?
उत्तर: सफेद मक्खी, थ्रिप्स और फंगल रोग जैसे लीफ स्पॉट गेंदे की फसल को नुकसान पहुंचाते हैं, जिनका समय पर इलाज जरूरी है।

प्रश्न 4: गेंदे की कटाई के बाद खेत खाली रहेगा या अगली फसल बोई जा सकती है?
उत्तर: चूंकि गेंदे की फसल सिर्फ 3 महीने में पूरी हो जाती है, इसलिए इसके बाद आप अगली फसल के लिए खेत तैयार कर सकते हैं।

निष्कर्ष

अगर आप इस बारिश के मौसम में कम समय में अधिक मुनाफा कमाना चाहते हैं तो गेंदे की खेती आपके लिए सबसे उपयुक्त विकल्प है। न केवल यह फसल जल्दी तैयार होती है, बल्कि त्योहारों के मौसम में इसका दाम भी बाजार में सबसे ज्यादा रहता है। साथ ही इंटरक्रॉपिंग और कीट-रोग नियंत्रण में भी यह फसल लाभ देती है।

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