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किसान भाइयो जैसे जैसे गेंहूँ की बुवाई का समय नजदीक आता है वैसे वैसे हम सभी किसान भाइयो के मन में एक ही सवाल आता है आखिर इस वर्ष गेंहूँ की येसी कौनसी वैरायटी लगायें जिससे आने वाले समय में गेंहु की फसल से बेहतर उत्पादन मिल सके, इसी चक्कर में कुछ किसान भाई जल्द बाज़ी में और कुछ किसान भाई जानकारी के अभाव में येसी वैरायटी का चुनाव कर लेते है जो की ना तो रोग प्रतिरोधक होती है ना ही बढ़िया क्वालिटी की बीज होती है इस आर्टिकल को पूरा ध्यान से पड़े

जिससे होता यह की जैसे तैसे बीज का Germination तो हो जाता है लेकिन आने वाले समय में गेंहु की फसल में रतवा रोग लगने की समस्या आ जाती है और तो और गेंहु का पौधा कंही पर छोटा कंही पर बड़ा हो जाता है जिससे गेंहु की बालियाँ भी छोटी बड़ी लगती है खेत में एक समान नहीं दिखती है जिससे गेंहु की फसल में उत्पादन छमता बहुत ही ज्यादा प्रभावित होती है

किसानों की गरीबी मिटा देने वाली गेहूं की नई वैरायटी

इसलिए किसान भाई आज के इस आर्टिकल में हम आपको गेंहु की नई वैरायटी star agree seed कंपनी की STAR 325, इसने कुछ ही वर्षो में ज्यादा उत्पादन के मामले में सभी वैरायटी को पीछे छोड़ दिया है प्रति एकड़ उत्पादन की बात करे तो इस वैरायटी में 28 से 30 कुंटल उत्पादन हो जाता है

किसानों की गरीबी मिटा देने वाली गेहूं की नई वैरायटी 2024 में मचाएगी तहलका अब होगा उत्पादन ही उत्पादन

इसका इतना उत्पादन कैसे है

इस वैरायटी का बीज पहले से ही सोधित होता है यानी कंपनी बीज को पहले सोधित करती है उसके बाद ही मार्केट में भेजती है इसके कारण ही गेंहु में किसी प्रकार का रोग बीमारी नहीं लगता है जिससे गेंहु की फसल में अन्य वैरायटी की तुलना में उत्पादन बड जाता है

इसे भी पड़े : गेहूं की 5 सबसे अधिक उत्पादन देने वाली वैरायटी जिसकी पैदावार 90 क्विंटल है

बुवाई का समय

इस वैरायटी को आप नवम्बर के पहले सप्ताह से लेकर 15 दिसम्बर तक बुवाई कर सकते है

प्रति एकड़ बीज दर कितना होना चाहिए

1 एकड़ खेत की बुवाई के लिए 40 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है

सिचाईं

अगर इस वैरायटी की सिंचित जगह पर बुवाई करते है तो 2 से 3 सिचाई की जरुरत पड़ती है अगर आप असिंचित एरिया में इसकी बुवाई करते है तो आपको और भी सिचाई की जरुरत पड़ सकती है

इस वैरायटी की फसल अवधि

इस वैरायटी की फसल अवधि 140 दिन से लेकर 145 दिन में यह पककर तैयार हो जाती है और पौधे की लम्बाई 2.5 से 3 फीट की हो जाती है

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कुछ और विशेषताएं

इसके पौधों में शुरूआती दिनों में ही अधिक कल्लो का फुटाव होता है और सभी कल्लो में एक समान बालियाँ लगती है

इसका पौधा कठिन परिस्थितियों में गिरता नहीं है यही कारण से निकलने वाला उत्पादन काफी मोटा और चमकदार होता है

इस वैरायटी का मार्केट भाव भी अच्छा खासा देखने को मिल जाता है

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