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अंगूर की फलदार बेलों को आपने अक्सर बड़े-बड़े खेतों में देखा होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक छोटी सी अंगूर की बेल, जो गमले में लगी हो, उससे भी भरपूर फल लिए जा सकते हैं? यह न केवल संभव है, बल्कि सही विधि और उर्वरकों के प्रयोग से आसानी से किया जा सकता है।

इस लेख में हम आपको बताएंगे कि गमले में लगी अंगूर की बेल को कैसे तैयार किया जाए ताकि वह जल्दी और अच्छे आकार के फल देने लगे। साथ ही जानेंगे कौन-से फर्टिलाइज़र सबसे बेहतर हैं और कैसे कटिंग विधि से यह परिणाम प्राप्त किया जा सकता है।

बीज से नहीं, कटिंग से तैयार करें अंगूर की बेल

यदि आप बीज के माध्यम से अंगूर की बेल उगाते हैं, तो उसमें फल आने में कई साल लग सकते हैं। लेकिन कटिंग विधि से यह समय बहुत कम हो जाता है। इसके लिए जरूरी है कि आप किसी ऐसी बेल से एक शाखा लें, जिस पर पहले से फल आ रहे हों। उस शाखा को गमले में लगाकर आप नई बेल तैयार करें।

इस तरह की बेल में अनुवांशिक रूप से फल देने की प्रवृत्ति पहले से होती है और उचित देखभाल से यह कुछ ही महीनों में फल देना शुरू कर देती है।

अंगूर की बेल को फल देने के लिए क्या चाहिए?

गमले में लगी बेल की जड़ों को सीमित स्थान मिलता है, इसलिए उसे सही पोषण और मिट्टी की गुणवत्ता की विशेष आवश्यकता होती है। पौधे को अच्छा पोषण देने के लिए सही उर्वरकों का उपयोग करना बेहद जरूरी है।

सरसों खली पाउडर

अंगूर की बेल के लिए सरसों खली (Mustard Cake) एक बेहतरीन जैविक उर्वरक है। यह बेल की ग्रोथ को तेज करता है और उसमें पोषक तत्वों की पूर्ति करता है। यदि आपके पास सरसों खली पाउडर नहीं है, तो आप सामान्य सरसों खली को पानी में घोलकर इसका घोल तैयार कर सकते हैं।

इस घोल को बेल के पास की मिट्टी में डालें। यह बेल की जड़ों को मजबूत करता है और फूलों की संख्या बढ़ाता है, जिससे गुच्छों में अंगूर के फल लगते हैं।

ऑर्गेनिक सीवीड फर्टिलाइज़र

दूसरा बेहद प्रभावशाली उर्वरक है ऑर्गेनिक सीवीड फर्टिलाइज़र। यह बेल की संपूर्ण ग्रोथ को तेज करता है और अंगूर के फलों का आकार बड़ा और स्वाद मीठा बनाता है। साथ ही, यह पौधे को गर्मी में भी ताजगी और नमी बनाए रखने में मदद करता है।

उर्वरक का सही घोल और उपयोग

इन दोनों उर्वरकों को मिलाकर एक शक्तिशाली मिश्रण तैयार करें। इसके लिए लगभग 300 मिलीलीटर पानी में एक चम्मच सीवीड फर्टिलाइज़र डालें और घोल तैयार करें। फिर उसमें सरसों खली पाउडर मिलाएं और अच्छी तरह से मिक्स करें।

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घोल तैयार हो जाने के बाद इसे अंगूर की बेल के गमले में डालें। यह प्रक्रिया महीने में एक बार दोहराएं। इस मिश्रण के उपयोग से आपकी बेल जल्दी फल देने लगेगी और लंबे समय तक हरी-भरी बनी रहेगी।

देखभाल के अन्य ज़रूरी पहलू

बेल की अच्छी देखभाल के लिए यह ध्यान रखें कि गमले में पानी का निकास सही हो। गमले में ज्यादा पानी जमा होने से जड़ें सड़ सकती हैं। साथ ही, बेल को पर्याप्त धूप मिले, यह भी जरूरी है।

बेल की पुरानी सूखी पत्तियों और शाखाओं को समय-समय पर काटते रहें ताकि नई ग्रोथ को बढ़ावा मिले। बेल को किसी स्टैंड या जाली से सहारा दें ताकि फल भार के कारण तना न झुके।

निष्कर्ष:

यदि आप अंगूर के शौकीन हैं और सीमित स्थान में फलदायक पौधा चाहते हैं, तो यह तरीका आपके लिए बेहद कारगर है। बीज के बजाय कटिंग से बेल लगाएं, सरसों खली और सीवीड जैसे जैविक उर्वरकों का सही प्रयोग करें और नियमित देखभाल करें। इन उपायों से आप अपनी छोटी अंगूर की बेल से भी भरपूर, मीठे और बड़े आकार के फल प्राप्त कर सकते हैं।

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