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कुछ ही फसलें ऐसी हैं जो अच्छा मुनाफा देती हैं, जिनमें से एक है करेले की खेती। Karela ki Kheti Kaise Kare सीखने से किसान यह समझ पाते हैं कि खेती से कितना फायदा मिलेगा और यह कितनी आमदनी दे सकती है। मचान विधि से करेले की खेती आज सबसे ज्यादा लोकप्रिय है क्योंकि इससे उत्पादन परंपरागत तरीके से डेढ़ गुना तक बढ़ जाता है। यहाँ हम इन 5 महत्वपूर्ण बिंदुओं के आधार पर Karela ki Kheti Kaise Kare की जानकारी दे रहे हैं।
करेले की खेती इन 5 पॉइंट के आधार पर जानिए
करेले की खेती सही ढंग और सही तरीके से करना चाहते हैं तो आपको हर पॉइंट को अच्छे से समझना होगा क्योंकि फसल को खेती नहीं बल्कि बिज़नेस की तरह करना जरूरी है। इसी वजह से करेले की खेती जानना हर किसान के लिए ज़रूरी है।
1 . मिट्टी / समय
2. लागत
3. उत्पादन
4. आमदनी
5. मुनाफा
1 . करेले की खेती में मिट्टी / समय
करेले की खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी और बीज बुवाई का सही समय क्या है तो देखिये किसान भाइयो आप करेले की खेती आप सभी तरह की मिट्टी में कर सकते है मीट्टी में सभी प्रकार के पोषक तत्व मौजूद होने चाहिए, मिट्टी का PH मान 6.5 से 7.5 के बीच में होना चाहिये
करेले के लिए उपयुक्त तापमान 20 डिग्री से 40 डिग्री तक का रहता है इस तरह से आप करेले की खेती दो सीजन में कर सकते है गर्मी और बरसात के सीजन में कर सकते है गर्मी के सीजन में बीज बुवाई का उपयुक्त समय फरवरी से मार्च तक का है वही बरसात के सीजन में 15 जून से जुलाई के महीने तक कर सकते है यानी की आप करेले कि खेती सभी तरह की मिट्टी में कर सकते है और बीज बुवाई दो सीजन में कर सकते है
आप करेले की खेती बेड बनाकर करे 2 फिट चौड़े बेड बनाये औए फिर बेड से बेड की दुरी 4 फिट लेना है आप 4 से 5 फिट भी ले सकते है इसके साथ बेड की हाईट 14 इंच होना चाहिए आप 10 इंच से लेकर 14 इंच रख सकते है अगर आपके यह ड्रिप अरिगेसन है तो आप मलचिंग पेपर का यूज करे इसके लिए आप 25 माइक्रोन के मल्चिग पेपर का यूज करे अब होल से होल की दुरी 1 से 1.50 फिट रखेगे व इसके साथ ही एक होल पर दो बीजो का छिडकाव करे
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2. करेले की खेती में लागत
एक एकड़ में करेले की खेती के लिए 2024 में लागत कितनी आती है तो इस साल करेले की खेती लगाना चाहते है तो आप हाइब्रिड के बीजो का चुनाव करते है तो बीज की मात्रा एक एकड़ में बीज 600 ग्राम वही 50 ग्राम का पैकेट 600 रुपय का आता है 12 पैकेट का खर्च 7,200 रुपय इस तरह हमारा एक एकड़ में बीज का खर्च 7,200 रूपए लगेगा
- खेत की तैयार वा बेड मेकर का खर्च आएगा 4,800 रूपए
- बेसल डोज का खर्च आएगा 2,404 रूपए
- वाटर सोलूबल फ़र्टिलाइज़र का खर्च आयेगा 6,700 रूपए
- आप करेले की खेती मचान विधि से करना चाहते है तो इसमें बॉस ,तार व धागे का खर्च आएगा 25,000 रूपए
- 25 माइक्रोन के मलचिंग पेपर का खर्च आयेगा 16,000 रूपए
- करेले की फसल में हमें थ्रिप्स ,अफिड्स ,whitefly ,mealybugs ,मीट्स जैसे कीटो का अटेक देखने को मिलता है फसल में कीटो को बचाने के लिए हम स्प्रे करते है जिसका खर्च 7,000 रूपए आता है
- खेत से मंडी तक का ट्रांसपोर्ट चार्ज 4,000 रूपए आयेगा
इन सभी खर्च को जोड़कर एक एकड़ में लगाई गई करेले की खेती में हमारी लागत 73104 रुपय लेकिन इसमें हमने लेबर का खर्च नही जोड़ा है सिर्फ हम बास ,तार ,धागे से ही चढाते है , अगर आप करेले की खेती मचान विधि से न कर अपनी परम्परागत विधि से करते तो आपकी 48,104 रूपए का खर्चा आएगा|
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3. करेले की खेती में उत्पादन
करेले की फसल से हमे एक एकड़ में कितना उत्पादन देखने को मिलता है गर्मी के सीजन में आप करेले की फसल लगा रहे है तो आप करेले की खेती परम्परागत विधि से करे ,वही बारिस के सीजन में आप करेले की खेती कर रहे है तो आप मचान विधि से ही करेले की फसल लगाए जिससे की उत्पादन भी अच्छा देखने को मिलेगा वही बारिश के मौसम में किट का प्रकोप देखने को मिलेगा वही मचान विधि से आपकी करेले की फसल पर कम अटेक देखने को मिलेगा
परम्परागत विधि से फसल लगाते है तो इसमें उत्पादन 60 से 70 क्विंटल तक देखने को मिलता है बारिश के मौसम मचान विधि से करेले की फसल लगाते है तो 100 से 120 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन देखने को मिलता है |
4. करेले की खेती में आमदनी
एक एकड़ में लगाई गई करेले की फसल से 2024 में कितनी आमदनी देखने को मिलेगी तो करेले का भाव हमे अच्छा ही देखने को मिलता है तो ये पूरा ही साल अच्छा ही रहता है करेले का मंडी भाव 10 रुपय से 30 रुपय तक भी कहा जाता है वही पुरे साल का हम मंडी ठौक भाव निकले तो यह 15 रुपय के आस पास देखने को मिलेगा
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परम्परागत विधि से उत्पादन 60 क्विंटल 1 क्विंटल =100 kg
1kg =15 रुपय अब वही 60 गुडा 100 गुडा 15 =90,000 रुपय
1 एकर करेले की फसल से आमदनी हुई 90,000 रुपय ये आमदनी जो देख रहे है आप लोग ये परम्परागत विधि से हुआ है
मचान विधि से उत्पादन 100 क्विंटल /1 क्विंटल =100 kg
1 kg =15 रुपय अब वही 100 गुडा 100 गुडा 15 = 1,50,000 रुपय
1 एकर करेले की फसल में आमदनी हुई 1,50,000 रुपय ये मचान विधि से हुई आमदनी है |
5. करेले की खेती में मुनाफा
मुनाफा निकाल ने के लिए हम कुल आमदनी में से लगत को घटा देते है जो बचता है वही मुनाफा होता है
परम्परागत विधि से आमदनी 90,000 – लागत 48,104 = मुनाफा 41 ,896 रुपय
मचान विधि से आमदनी 1,50,000 – लागत 73,104 = मुनाफा 76,896 रुपय
अब आप देख ही सकते है की मचान विधि से मुनाफा ज्यादा मिलता है लेकिन लागत भी ज्यादा लगती है तो आप अगर बारिस के सीजन में करेले की खेती करना चाहते है तो मचान विधि से करे अच्छा मुनाफा कमाने के लिए
मचान विधि से करेले की फसल इस तरह करे खेत में बॉस का सेटअप तैयार करना होंगा हमे बॉस से बॉस की दुरी 10 फीट लेना है 1 फिट 3 फिट 5 फिट पर हमें तार लगाना है उपर के सेड लोड ज्यादा रहता है इसलिए तार अच्छा लेना है |
FAQs: Karela ki Kheti Kaise Kare
करेले की खेती का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
गर्मी में फरवरी–मार्च और बरसात में 15 जून–जुलाई सबसे उपयुक्त समय है।
मचान विधि क्यों बेहतर मानी जाती है?
क्योंकि इससे हवा, धूप और पौधों को सहारा अधिक मिलता है, जिससे उत्पादन 120 क्विंटल तक बढ़ सकता है।
करेले की खेती में कौनसे कीट प्रमुख हैं?
थ्रिप्स, अफिड्स, व्हाइटफ्लाई, मिलीबग्स और माइट्स मुख्य कीट माने जाते हैं।
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किसान भाई इस ब्लॉग के माध्यम से हम सभी किसान भाइयो को खेती से जुडी अपडेट देते है साथ ही खेती से जुडी योजना एवं कृषि बिजनेस आइडियाज के बारे में भी बताते है




