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आज की इस लेख में हम बात करेंगे मक्का की एक बेहतरीन संकर किस्म पायनियर P3401 के बारे में। हम जानेंगे इसकी विशेषताएं, उत्पादन क्षमता, बुवाई का सही समय, बीच की मात्रा और उर्वरक प्रबंधन जैसी पूरी जानकारी। इसलिए किसान भाइयों, लेख को अंत तक जरूर पढ़ें ताकि आप मक्का की खेती में बेहतर उत्पादन ले सकें।

सही बीज का चुनाव क्यों जरूरी है?

मक्के की खेती में कई चीजें महत्वपूर्ण होती हैं, लेकिन सही बीज का चयन सबसे अहम है। क्योंकि अलग-अलग प्रकार की जमीन के लिए अलग-अलग बीज उपयुक्त होते हैं। यदि हम अपनी जमीन और मौसम के अनुसार सही बीज चुनते हैं, तो उत्पादन में शानदार वृद्धि होती है।

कम लागत, बंपर मुनाफा, PIONEER P3401 मक्का वैरायटी से कैसे पाएं रिकॉर्ड उत्पादन

PIONEER P3401 की मुख्य विशेषताएं

सर्वाधिक उपज देने वाली बरसाती संकर किस्म:
PIONEER P3401 भारत में सर्वाधिक उपज देने वाली बरसाती मक्का वैरायटी है।

सीजन के अनुसार अनुकूलता:
इसे खरीफ और रबी दोनों सीजन में आसानी से लगाया जा सकता है।

भुट्टे का आकार और रंग:
इस वैरायटी के भुट्टे एक समान और वजनदार होते हैं।
दानों का रंग आकर्षक नारंगी होता है।मजबूत पौधा:
इसके पौधों की जड़ें काफी मजबूत होती हैं, जिससे गिरने की संभावना कम रहती है।
इससे किसानों को अच्छी और सुरक्षित पैदावार मिलती है।

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PIONEER P3401 का उत्पादन क्षमता

  • अन्य किस्मों से 10% अधिक उत्पादन:
    यह वैरायटी अन्य किस्मों की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक उत्पादन देती है।

  • उत्पादन दर:
    किसान भाइयों, इस किस्म से प्रति एकड़ 30 से 35 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है, यदि फसल प्रबंधन अच्छा हो।

PIONEER P3401 की अवधि

  • पकने का समय:
    यह वैरायटी लगभग 110 से 115 दिनों में पककर तैयार हो जाती है।

  • भुट्टा तोड़ाई:
    70 से 75 दिन में भुट्टे तैयार हो जाते हैं, जिन्हें तोड़ा जा सकता है।

बीज की मात्रा और बुवाई का सही समय

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उर्वरक प्रबंधन (Fertilizer Management)

  • नाइट्रोजन (N): 120 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर

  • फास्फोरस (P): 60 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर

  • पोटाश (K): 40 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर

उर्वरकों का उपयोग फसल के विभिन्न चरणों में विभाजित रूप से करना चाहिए, ताकि पौधों की वृद्धि और दाना भराव सही ढंग से हो सके।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर किसान भाइयों, PIONEER P3401 एक भरोसेमंद और अत्यधिक उत्पादक मक्का की किस्म है। यदि आप खरीफ या रबी सीजन में मक्का की खेती करना चाहते हैं, तो यह वैरायटी आपके लिए बेहतरीन साबित हो सकती है। सही बीज, सही समय पर बुवाई और उचित उर्वरक प्रबंधन से आप शानदार उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

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