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भारत सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना मछली पालन और मत्स्य क्षेत्र को सशक्त बनाने की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना का उद्देश्य मछुआरों, मत्स्य पालकों और इस क्षेत्र से जुड़े लोगों की आय बढ़ाना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना और देश को मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है। यह योजना 10 सितंबर 2020 को केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई थी।
सरल शब्दों में कहा जाए तो जो लोग तालाब खुदवाकर मछली पालन करना चाहते हैं, झींगा पालन, फिश फीड यूनिट, कोल्ड स्टोरेज या मछली से जुड़े किसी भी व्यवसाय में आना चाहते हैं, उन्हें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत आर्थिक सहायता और सब्सिडी दी जाती है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का मुख्य उद्देश्य
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के पीछे सरकार के कई स्पष्ट उद्देश्य हैं:
- मछली उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि करना
- मछुआरों और मत्स्य पालकों की आय दोगुनी करना
- मत्स्य पालन से जुड़े बुनियादी ढांचे का विकास
- ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करना
- जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं से मछुआरों को सुरक्षा देना
यह योजना मछुआरों और तालाब आधारित मछली पालन करने वालों – दोनों के लिए है।

कौन-कौन ले सकता है योजना का लाभ?
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत निम्न लोग आवेदन कर सकते हैं:
- व्यक्तिगत मछुआरे और मत्स्य पालक
- तालाब में मछली पालन करने वाले किसान
- स्वयं सहायता समूह (SHG)
- महिला समूह
- किसान उत्पादक संगठन (FPO)
- सहकारी समितियां
- स्टार्टअप और निजी उद्यमी
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लोग
कितनी मिलती है सब्सिडी?
इस योजना में सब्सिडी वर्ग के अनुसार दी जाती है:
- जनरल / OBC / EBC वर्ग:
- कुल परियोजना लागत का 40% तक सब्सिडी
- SC / ST वर्ग:
- कुल परियोजना लागत का 60% तक सब्सिडी
उदाहरण के लिए, यदि आपने 10 लाख रुपये का मछली पालन प्रोजेक्ट लगाया है, तो:
- जनरल वर्ग को 4 लाख रुपये
- SC/ST वर्ग को 6 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है
किन गतिविधियों पर मिलता है लाभ?
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत कई तरह की गतिविधियों पर सहायता दी जाती है:
तालाब निर्माण और जलाशय विकास
- 1 हेक्टेयर तालाब निर्माण पर 3 से 5 लाख रुपये तक की सहायता
फिश फीड यूनिट
- छोटी यूनिट के लिए 50,000 से 1 लाख रुपये तक
- बड़ी यूनिट के लिए कई लाख रुपये तक सहायता
बायोफ्लॉक और आधुनिक तकनीक
- प्रति यूनिट 1 से 4 लाख रुपये तक की सहायता
कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग यूनिट
- बड़े प्रोजेक्ट्स पर 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी
नाव और मछुआरा उपकरण
- प्रति नाव 2 लाख रुपये तक की सहायता
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में आवेदन करते समय ये दस्तावेज जरूरी होते हैं:
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- बैंक पासबुक
- भूमि संबंधी दस्तावेज या लीज एग्रीमेंट
- मत्स्य पालन प्रशिक्षण प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
नोट: नए आवेदकों के लिए मत्स्य पालन प्रशिक्षण प्रमाण पत्र अनिवार्य है। बिना प्रशिक्षण के सब्सिडी नहीं दी जाती।
आवेदन प्रक्रिया क्या है?
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है:
- अपने राज्य की मत्स्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
- या केंद्र सरकार की मत्स्य विभाग वेबसाइट से आवेदन करें pmmsy.dof.gov.in
- आवेदन फॉर्म भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें
- आवेदन सबमिट करने के बाद सत्यापन किया जाएगा
- स्वीकृति मिलने पर सब्सिडी सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी

योजना से क्या होंगे फायदे?
इस योजना के जरिए:
- मछली पालन को व्यवसाय के रूप में अपनाना आसान होगा
- ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को रोजगार मिलेगा
- मछली उत्पादन बढ़ेगा
- आय में स्थिरता आएगी
- देश का मत्स्य निर्यात मजबूत होगा
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना मछली पालन से जुड़े लोगों के लिए एक सुनहरा अवसर है। यदि आप तालाब खुदवाना चाहते हैं, मछली पालन शुरू करना चाहते हैं या मत्स्य क्षेत्र में व्यवसाय करना चाहते हैं, तो यह योजना आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है।
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