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आज के समय में किसान पारंपरिक फसलों से हटकर नए और लाभकारी फलों की खेती की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी कड़ी में कीवी फल की खेती भी एक बेहतर विकल्प बनकर उभरी है। इस लेख में हम जानेंगे कि कीवी की खेती करने का सही तरीका क्या है, इसके लिए उपयुक्त मिट्टी, जलवायु, पौधारोपण से लेकर सिंचाई, रोग नियंत्रण और कमाई तक की पूरी प्रक्रिया क्या होती है।

कीवी की खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी

कीवी की खेती के लिए हल्की और उपजाऊ दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। मिट्टी का पीएच मान लगभग 5.0 से 6.5 के बीच होना चाहिए। साथ ही, मिट्टी में अच्छी जल निकासी होनी चाहिए जिससे पौधे की जड़ें सड़ें नहीं। कार्बनिक पदार्थों की भरपूर मात्रा मिट्टी में होना आवश्यक है, जिससे पौधे को पर्याप्त पोषण मिल सके। समतल जमीन पर इसकी खेती करना सर्वोत्तम होता है।

कीवी की खेती के लिए जलवायु और तापमान

कीवी फल के लिए हल्की और समशीतोष्ण जलवायु उपयुक्त होती है। इसके पौधों को अत्यधिक वर्षा या गर्मी पसंद नहीं होती। पौधों के अंकुरण के लिए 15 डिग्री सेल्सियस तापमान की जरूरत होती है, जबकि गर्मी के मौसम में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक नहीं होना चाहिए। जब पौधों में फल बन रहे हों, उस समय उन्हें लगभग 5 से 7 डिग्री तापमान और 150 से 200 घंटों तक ठंडक की जरूरत होती है।

कीवी की उन्नत किस्में

दुनिया भर में कीवी की 100 से अधिक किस्में पाई जाती हैं, लेकिन भारत में कुछ चुनिंदा किस्में ही उगाई जाती हैं। इनमें से प्रमुख किस्में हैं – हेवर्ड, मोंटी, एबॉट, ब्रूनो, और एलीसन। इन किस्मों को कलम के माध्यम से तैयार किया जाता है। खेत में लगाने के बाद कीवी की फसल 3 से 4 साल में फल देना शुरू कर देती है।

कम लागत में शुरू करें कीवी की खेती: जानें मिट्टी, जलवायु, सिंचाई, देखरेख से लेकर कमाई तक की पूरी जानकारी

गड्ढे की तैयारी और पौधारोपण का तरीका

कीवी के पौधे लगाने से पहले लगभग 1 मीटर चौड़ा और 1.5 फीट गहरा गड्ढा तैयार करें। इस गड्ढे में गोबर की खाद, नीम खली, वर्मी कम्पोस्ट और अन्य जैविक उर्वरक मिलाकर भरें। इसके ऊपर 15 से 20 दिन के लिए मिट्टी से ढककर छोड़ दें ताकि खाद अच्छे से मिल जाए। दिसंबर से जनवरी के बीच पौधारोपण करना सबसे उपयुक्त समय माना जाता है। पौधा लगाते समय ध्यान रखें कि चारों ओर मिट्टी को अच्छे से दबा दें ताकि जड़ें अच्छी तरह जम जाएं।

सिंचाई की व्यवस्था

कीवी के पौधों को नियमित और संतुलित सिंचाई की जरूरत होती है। पौधे लगाने के तुरंत बाद पहली सिंचाई करें। गर्मियों में हर 3 से 4 दिन के अंतराल पर पानी देना चाहिए, जबकि सर्दियों में 8 से 10 दिन में एक बार सिंचाई पर्याप्त रहती है। बरसात के मौसम में अगर जरूरत महसूस हो तो पानी की निकासी और सिंचाई दोनों का विशेष ध्यान रखें।

उर्वरक और खरपतवार नियंत्रण

कीवी की खेती में जैविक और रासायनिक उर्वरकों दोनों की जरूरत होती है। शुरुआत में प्रति गड्ढे में 20 किलोग्राम गोबर की खाद और 50 ग्राम NPK मिलाकर दें। पहले दो वर्षों तक नियमित रूप से उर्वरक देना चाहिए। जैसे-जैसे पौधा बड़ा होता है, खाद की मात्रा भी धीरे-धीरे बढ़ा दें। खाद देने के बाद सिंचाई करना अनिवार्य है।

खरपतवार नियंत्रण के लिए पौधे की रोपाई के 20 से 25 दिन बाद पहली गुड़ाई करें। इसके बाद हर महीने गुड़ाई करते रहें। पौधों के बीच खाली पड़ी जमीन में छोटी सब्जियां, मसाले या फल उगाकर आप अतिरिक्त आमदनी भी कर सकते हैं।

कीवी के रोग और उनका नियंत्रण

कीवी के पौधों में फिलहाल कोई प्रमुख रोग नहीं देखा गया है, लेकिन जड़ गलन और तना सड़न जैसी समस्याएं जलभराव के कारण हो सकती हैं। इनसे बचने के लिए जल निकासी का सही इंतजाम रखें। अगर ऐसा कोई रोग दिखे तो पौधों की जड़ों में बॉरडॉ मिश्रण का छिड़काव करें।

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पौधे को सहारा और तुड़ाई

कीवी की बेलों को सहारे की जरूरत होती है। इसके लिए खेत में पंक्तियों के साथ लोहे के एंगल लगाकर तारों की व्यवस्था करें, जिस पर बेल चढ़ सके। समय-समय पर सूखी और खराब शाखाओं की छंटाई करनी चाहिए ताकि पौधों का विकास बना रहे।

कीवी के पौधे लगने के 4 साल बाद फल देना शुरू करते हैं। अक्टूबर-नवंबर में पौधों पर फूल आते हैं और फल पकने में लगभग 6 महीने का समय लगता है। जब फल आकर्षक सुनहरी रंग के हो जाएं, तब उनकी तुड़ाई करें और छायादार स्थान पर रखें।

कीवी की खेती से कमाई

एक एकड़ में कीवी की अच्छी तरह से खेती करने पर एक किसान 10 से 15 टन तक उपज प्राप्त कर सकता है। बाजार में कीवी की कीमत 200 से 400 रुपये प्रति किलोग्राम तक जाती है। इस प्रकार एक एकड़ खेत से किसान 8 से 12 लाख रुपये सालाना तक कमा सकते हैं। लागत निकालने के बाद भी यह एक बहुत ही लाभकारी फसल साबित होती है।

निष्कर्ष

कीवी की खेती धीरे-धीरे भारत के किसानों के लिए एक लाभकारी विकल्प बन रही है। यदि आप भी आधुनिक और मुनाफेदार फल की खेती करना चाहते हैं तो कीवी की खेती जरूर करें। सही जानकारी, मेहनत और तकनीक के साथ यह खेती आपके लिए कमाई का एक मजबूत जरिया बन सकती है।

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