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टमाटर, मिर्च, बैंगन, करेला और खीरा जैसी फसलों में निराई–गुड़ाई का खर्च हमेशा 20 से 25 हजार रुपये प्रति एकड़ तक जाता है, लेकिन Cultivator Tool Use in Hindi समझने पर किसान इस भारी खर्च से छुटकारा पा सकते हैं। अगर बुवाई के समय ही कल्टीवेटर का उपयोग कर लिया जाए तो फसल साफ-सुथरी बनती है, खरपतवार कम होता है और खेत की मिट्टी भी नरम रहती है। यही वजह है कि सब्जी फसलों में इसे सबसे उपयुक्त टूल माना जा रहा है।
Cultivator Tool Use in Hindi: सही फसलों में कैसे करें उपयोग
जिन फसलों में लाइन से लाइन या पौधे से पौधे की दूरी 1 फीट या इससे अधिक रहती है, वहां Cultivator Tool Use in Hindi बेहद प्रभावी रहता है। बैंगन जैसी फसलों में पौधों के बीच पर्याप्त जगह होती है, जिससे कल्टीवेटर आराम से चलता है और बिना मेहनत के खरपतवार बाहर निकल आते हैं। इससे खेत साफ रहता है और फसल का विकास तेज होता है।
फूलगोभी और पत्तागोभी में कल्टीवेटर का सुरक्षित उपयोग
फूलगोभी में कल्टीवेटर चलाते समय पौधों को नुकसान न पहुंचे इसका ध्यान रखना पड़ता है। पहली गुड़ाई कल्टीवेटर से करने के बाद दूसरी गुड़ाई मजदूरों से करना बेहतर माना जाता है। इससे पौधों की जड़ों की सुरक्षा बनी रहती है।

कल्टीवेटर खरपतवार को इतनी तेजी से कैसे निकालता है?
कल्टीवेटर के तीन स्टेनलेस स्टील टाइन मिट्टी में घुसकर उसे भुरभुरा करते हैं और खरपतवार को जड़ सहित निकाल देते हैं। इस तकनीक से मिट्टी में एरिशन होता है और पौधों की जड़ों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है। Cultivator Tool Use in Hindi का सही उपयोग फसल की वृद्धि को दोगुना तेज कर देता है।
Cultivator की कीमत और हैंडल साइज
तीन साल पहले कल्टीवेटर की कीमत लगभग 1200 रुपये थी, जबकि 90 सेमी, 120 सेमी और 150 सेमी वाले हैंडल लगाने के बाद इसकी कुल कीमत 2400 रुपये तक रहती थी। अब इसमें 200 से 400 रुपये का अंतर देखा जा रहा है, लेकिन मजदूरी के मुकाबले यह निवेश बेहद किफायती है।
किन-किन फसलों में किया जा सकता है कल्टीवेटर का उपयोग?
गेंदा, लौकी, गिल्की और कई बागवानी फसलों में यह टूल काफी अच्छा काम करता है। प्याज और लहसुन की बुवाई अगर 4–4 इंच की दूरी में कैरी बनाकर की जाए तो कल्टीवेटर उपयोगी नहीं होता, लेकिन बेड बनाकर की गई बुवाई में इसका उपयोग शानदार रहता है। यह Cultivator Tool Use in Hindi का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
निराई–गुड़ाई में कितना समय लगता है?
भिंडी, टमाटर, मिर्च और शिमला मिर्च में कल्टीवेटर से एक एकड़ की गुड़ाई करने में केवल 5–6 घंटे का समय लगता है। फूलगोभी और पत्तागोभी में यही समय 10–12 घंटे तक जा सकता है। बेलवर्गीय फसलों में औसतन 8 घंटे लगते हैं। जहां दो लाइनों की दूरी अधिक होती है, वहां समय और भी कम लगता है।
निष्कर्ष: Cultivator Tool Use in Hindi से खेती बने आसान और किफायती
कल्टीवेटर किसानों के लिए लागत घटाने और मजदूरी पर निर्भरता कम करने वाला सबसे उपयोगी उपकरण बन चुका है। सही दूरी, सही फसल और सही समय का ध्यान रखते हुए इसका उपयोग करने पर किसान उत्पादन बढ़ा सकते हैं और खेत को साफ-सुथरा बनाए रख सकते हैं।
FAQs – Cultivator Tool Use in Hindi
Cultivator Tool Use in Hindi किसानों के लिए क्यों जरूरी है?
कौन सी फसलों में कल्टीवेटर सबसे अच्छा काम करता है?
टमाटर, मिर्च, बैंगन, करेला, लौकी, गिल्की और फूलगोभी जैसी सब्जियों में यह सबसे प्रभावी है
कल्टीवेटर से एक एकड़ में कितना समय लगता है?
फसल के अनुसार 5 से 12 घंटे लगते हैं।
क्या कल्टीवेटर पौधों को नुकसान पहुंचाता है?
सही दूरी और सावधानी के साथ चलाने पर कोई नुकसान नहीं होता।
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