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किसान भाइयों, आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसे टॉनिक की जो हर फसल में हर स्टेज पर काम करता है और जिससे फसल की पैदावार हर साल बेहतर होती जा रही है। हम बात कर रहे हैं जिबरेलिक एसिड (Gibberellic Acid – GA3) की। यह एक ऐसा प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर (PGR) है जिसे हजारों किसान हर फसल में नियमित रूप से उपयोग कर रहे हैं।

इस लेख में हम जानेंगे कि जिबरेलिक एसिड को कब और कैसे उपयोग करना चाहिए, किस स्टेज पर इसका क्या प्रभाव होता है, और इसका अधिक उपयोग करने से क्या नुकसान हो सकता है। साथ ही हम आपको बताएंगे कि कौन-सा जिबरेलिक एसिड सबसे बेहतर है और उसका सही डोज क्या होना चाहिए।

फसल के 6 प्रमुख स्टेज और जिबरेलिक एसिड का उपयोग

हम फसल की ग्रोथ को छह चरणों में बाँटेंगे, जिनमें जिबरेलिक एसिड का उपयोग किया जा सकता है:

1. बीज उपचार (Seed Treatment)

कई बार किसान भाइयों को बीज का अंकुरण कम होता दिखाई देता है। इसके दो कारण होते हैं – पहला, बीज का सामान्य रूप से कमजोर होना, और दूसरा, बीज का बाहरी आवरण (सीड कोट) कठोर होना। इन दोनों समस्याओं के समाधान के लिए जिबरेलिक एसिड का बीज उपचार में उपयोग करना बेहद फायदेमंद है।

बीज को जिबरेलिक एसिड के घोल में पूरी रात भिगोकर रखा जाता है। इससे अंकुरण तेज होता है और कठोर बीज भी नर्म होकर अच्छी तरह अंकुरित हो जाते हैं।

2. वनस्पतिक विकास चरण (Vegetative Growth Stage)

बीज अंकुरण के 15 से 20 दिनों के बाद, जब फसल तेजी से बढ़ रही होती है, तब जिबरेलिक एसिड का स्प्रे करने से पत्तों का आकार बढ़ता है, जिससे फोटोसिंथेसिस (प्रकाश संश्लेषण) की प्रक्रिया बेहतर होती है। इसका असर तनों की लंबाई, शाखाओं की संख्या और पौधे की ऊंचाई पर भी पड़ता है।

यह चरण फसल को मजबूती देता है और आने वाले फूल व फल के विकास की नींव रखता है।

3. फूल आने से पहले का चरण (Pre-Flowering Stage)

इस स्टेज पर जिबरेलिक एसिड का उपयोग फूलों की कलियों की संख्या बढ़ाने के लिए किया जाता है। जैसे-जैसे कलियों की संख्या बढ़ेगी, वैसे-वैसे फूलों की संख्या भी अधिक होगी, जिससे अंततः फल ज्यादा बनेंगे।

इस समय जिबरेलिक एसिड, वनस्पतिक वृद्धि को रोककर पौधे को प्रजनन वृद्धि (reproductive growth) की दिशा में मोड़ता है। यह सबसे जरूरी स्टेज होती है जहां सही मात्रा में जिबरेलिक एसिड देना बहुत जरूरी होता है।

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4. फूल निकलने का चरण (Flowering Stage)

इस स्टेज पर अधिकतर मामलों में जिबरेलिक एसिड का उपयोग करने से बचना चाहिए। हालांकि यह फूलों की गुणवत्ता और एकरूपता (uniformity) को बढ़ा सकता है, लेकिन अगर पहले ही दो बार इसका स्प्रे हो चुका है, तो तीसरी बार स्प्रे करने से फूल झड़ने की समस्या हो सकती है। इससे परागण (pollination) प्रभावित होता है और अंत में पैदावार पर असर पड़ता है।

इसलिए इस स्टेज पर जिबरेलिक एसिड का स्प्रे स्किप करना बेहतर होता है।

5. फल बनने का चरण (Fruit Formation Stage)

जब फूल फल में परिवर्तित होने लगते हैं, तब जिबरेलिक एसिड सेल एनलार्जमेंट और सेल डिवीजन में मदद करता है। इससे फल का आकार बड़ा होता है और फल की गुणवत्ता बेहतर होती है।

इस समय इसका प्रयोग करने से फल न केवल बड़े होते हैं बल्कि उनका रंग, चमक और वजन भी बढ़ता है।

6. फल पकने का चरण (Fruit Maturity Stage)

इस अंतिम स्टेज में जिबरेलिक एसिड का प्रयोग फल की मेजर क्वालिटी जैसे रंग, मिठास, और सेल्फ लाइफ को बढ़ाने में करता है। इससे फल मार्केट में अच्छी कीमत पर बिकते हैं और नुकसान की संभावना कम होती है।

जिबरेलिक एसिड के प्रकार और सही चयन

कृषि में उपयोग होने वाले जिबरेलिक एसिड के दो प्रमुख प्रकार होते हैं – GA3 और GA4।
GA3 सबसे अधिक उपयोग में लाया जाने वाला ग्रोथ रेगुलेटर है, जबकि GA4 मुख्यतः वैज्ञानिक शोध और उच्च मूल्य की फसलों में उपयोग होता है।

GA3 के दो सामान्य रूप हैं:

  • 0.01% SL (Liquid Form)

  • 0.186% Powder Form

इनमें से 0.01% SL वाला फॉर्म सबसे अधिक प्रभावशाली और उपयोग में आसान होता है।

सबसे अच्छा जिबरेलिक एसिड कौन सा है?

कात्यायनी का “ProGro” सबसे प्रभावी जिबरेलिक एसिड में से एक है। इसमें GA3 के साथ-साथ मिक्स माइक्रोन्यूट्रिएंट्स भी शामिल होते हैं। ये माइक्रोन्यूट्रिएंट्स पौधे को संपूर्ण पोषण देते हैं, जिससे सभी छह चरणों में फसल को बेहतर समर्थन मिलता है।

सही डोज और उपयोग की विधि

  • प्रति एकड़: 200 से 250 मिलीलीटर

  • प्रति लीटर पानी में: 1 से 2 मिलीलीटर

स्प्रे करते समय यह ध्यान रखें कि दिन के ठंडे समय जैसे सुबह या शाम को ही छिड़काव करें और मौसम साफ हो।

सही समय पर सही स्प्रे से मिलेगी भरपूर पैदावार

जिबरेलिक एसिड कोई सामान्य टॉनिक नहीं है। यह एक ऐसा प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर है जो बीज से लेकर फल तक फसल के हर विकास चरण को प्रभावित करता है। लेकिन इसका सही समय पर और सही मात्रा में उपयोग करना अनिवार्य है, वरना यह नुकसान भी कर सकता है।

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