अब गर्मी के सीजन में सिर्फ दो ही महीने बचे हैं मई और जून। अगर आप इन दो महीनों का सही उपयोग करते हैं, तो न केवल गर्मियों में बल्कि बारिश के सीजन में भी लगातार अच्छी आमदनी कमा सकते हैं।
गर्मी में करें इन 10 फसलों की बुवाई
इस लेख में हम आपको बताएंगे 10 जबरदस्त फसलें जिनकी बुवाई मई में करने पर आप बारिश के दिनों में भी मुनाफा कमा सकते हैं। साथ ही हम आपको देंगे ढाई एकड़ का खेती मॉडल, जिससे आप 30–35 दिन में कमाई शुरू कर सकते हैं।
1. करेला –
बुवाई समय: मई के अंतिम सप्ताह
खेती विधि: मचान विधि
प्रमुख बीज:

- VNR की आकाश वैरायटी
- Seasonta की DGS-106
- Seminis की अभिषेक वैरायटी
विशेष लाभ:
- बारिश के समय रोग कम लगते हैं
- उत्पादन परंपरागत विधि से डेढ़ गुना अधिक होता है
- जून के अंत तक बेलें तैयार होकर मचान पर चढ़ने लगती हैं
2. गिलकी –
बुवाई समय: मई के अंतिम सप्ताह
खेती विधि: मचान विधि
प्रमुख बीज:

- VNR की आलोक वैरायटी
- Nirmal Seeds की NSGS-341
गिलकी की खेती करेले जैसी ही होती है। मचान विधि से बेहतर उत्पादन और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
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3. भिंडी –
बुवाई समय: 15 मई तक
दूरी:
- पौधों के बीच: 1 फीट
- कतारों के बीच: 2-3 फीट
प्रमुख बीज:
- Advanta Golden Seeds की राधिका
- Syngenta की OA-517
लाभ:
- जुलाई की शुरुआत में उत्पादन शुरू
- भिंडी का बाजार भाव इस समय अच्छा होता है
4. अदरक –
बुवाई समय: मई
खेती विधि: मल्टी लेयर फार्मिंग
फसलें:
- अदरक (जमीन के नीचे उत्पादन)
- मेथी (जमीन के ऊपर)
- पपीता (ऊपर की परत में, 8–10 फीट पर)
पपीता के पौधों की दूरी:
- पौधों के बीच: 6 फीट
- लाइनों के बीच: 8 फीट (जिग-जैग भी कर सकते हैं)
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5. हल्दी –
बुवाई समय: मई
खेती विधि: मल्टी लेयर फार्मिंग
फसलें:
- हल्दी के साथ मेथी या धनिया
- ऊपरी परत में पपीता
यह अदरक जैसी ही संरचना में होती है। हल्दी से लंबे समय में अच्छा मुनाफा मिलता है।
6. टिंडा –
बुवाई समय: मई
लाभ:
- बरसात में अच्छी मांग
- बाजार में कम सप्लाई होने के कारण अच्छा भाव मिलता है
7. मूली –
बुवाई समय:
- पहली बार: मई का पहला सप्ताह
- दूसरी बार: मई का अंतिम सप्ताह
लाभ:
- जल्दी उत्पादन (जून में ही फसल तैयार)
- अच्छी कीमत मिलती है
- बारिश में भी मांग बनी रहती है
8. लौकी –
बुवाई समय: मई
खेती विधि: मचान विधि अपनाई जा सकती है
लाभ:
- उत्पादन अच्छा
- बारिश में बाजार में मांग रहती है
9. मेथी –
बुवाई समय: मई के अंतिम सप्ताह
खास निर्देश:
- खाद न डालें, केवल जर्मिनेशन तक इंतजार करें
- जर्मिनेशन के बाद ही पोषक तत्व दें
लाभ:
- अगर अंकुरण हो गया, तो बहुत अच्छा भाव
- केवल बीज का नुकसान होगा अगर न उगे
10. धनिया –
बुवाई समय: मई के अंतिम सप्ताह
लाभ:
- बीज लागत के अलावा कोई खास खर्च नहीं
- अंकुरण के बाद अच्छा बाजार भाव मिलने की संभावना
ढाई एकड़ का खेती मॉडल
भूमि का विभाजन: 5 बराबर हिस्सों में
| क्षेत्र | फसलें |
|---|---|
| आधा एकड़ | करेला और गिलकी |
| आधा एकड़ | भिंडी + धनिया (इंटरक्रॉपिंग) |
| आधा एकड़ | अदरक या हल्दी + मेथी + पपीता (मल्टीलेयर) |
| आधा एकड़ | लौकी या टिंडा |
| आधा एकड़ | मूली या मेथी या धनिया (या इनकी इंटरक्रॉपिंग) |
लाभ:
- 30-35 दिनों में आमदनी शुरू
- पूरे बारिश के सीजन में डेली कमाई
- रिस्क मैनेजमेंट के लिए इंटरक्रॉपिंग और मल्टीलेयर फॉर्मिंग
निष्कर्ष
अगर आप मई के महीने का सही उपयोग करते हैं, तो न सिर्फ आप बारिश के मौसम में मुनाफा कमा सकते हैं, बल्कि स्मार्ट फार्मिंग मॉडल अपनाकर लगातार और स्थायी आमदनी भी सुनिश्चित कर सकते हैं।
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पुरुषोत्तम बिसेन कृषि आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म sacchikheti.com के संस्थापक और कंटेंट क्रिएटर हैं। उन्होंने B.Sc. एग्रीकल्चर में स्नातक किया है और वे किसानों के लिए स्वयं कृषि से जुड़ा कंटेंट लिखते हैं।
