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गेंहूँ दुनिया की दूसरी सबसे अधिक उगाई जाने वाली फसल है। इसकी मांग हर साल बढ़ती जाती है क्योंकि इसका उपयोग आटा, ब्रेड, पास्ता, नूडल्स और पशु चारे तक में होता है। भारत में गेंहूँ का उत्पादन मुख्य रूप से मध्यप्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश सहित उत्तरी क्षेत्र में तेजी से होता है। 2026 में कई किसानों ने Gehu ki Top Variety in India अपनाकर रिकॉर्ड तोड़ पैदावार प्राप्त की है, जिनमें 35 क्विंटल तक उपज देखने को मिली।
गेंहू की ये टॉप 5 वैरायटी
आज हम उन 5 उन्नत गेहूँ किस्मों के बारे में जानेंगे जो पिछले कई वर्षों से किसानों को लगातार उच्च उपज दे रही हैं। ये सभी किस्में लगभग 140–145 दिनों में पक जाती हैं और इनकी बीज मात्रा 40–45 किलो प्रति एकड़ रखी जाती है। फसल में सामान्यतः 4 सिंचाई की आवश्यकता होती है और प्रति पौधा 20 से 22 कल्ले विकसित होते हैं। दाने मोटे, चमकदार और वजनदार मिलते हैं।
गेंहू की टॉप 5 वैरायटी , Gehu ki Top Variety in India
1. DBW 187
DBW 187 किस्म देशभर के किसानों में अत्यधिक लोकप्रिय है और हर कृषि केंद्र में आसानी से मिल जाती है।
- हाईब्रिड वैरायटी
- पौधे की ऊंचाई: 100–102 cm
- प्रति पौधा कल्ले: 18–20
- बीज दर: 45 किलो प्रति एकड़
- रोग प्रतिरोधक
- उपज: 30–35 क्विंटल प्रति एकड़
इसकी मजबूती और उच्च उत्पादन क्षमता इसे Gehu ki Top Variety in India की सूची में शामिल करती है।
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2. HI 8663
HI 8663 किस्म नवम्बर माह तक बोई जा सकती है, जिससे किसान समय के अनुसार लचीलेपन का लाभ उठा सकते हैं।
- बीज मात्रा: 40–45 किलो प्रति एकड़
- पकने का समय: 130–135 दिन
- सिंचाई: 3–4 बार
- पौधे की ऊंचाई: 100 cm
- मोटा और वजनदार दाना
- उपज: 24–26 क्विंटल प्रति एकड़
तेज बारिश और हवा में गिरने की संभावना कम होने से यह किस्म बड़े पैमाने पर अपनाई जाती है।
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3. Shriram 272
यह किस्म किसानों की फेवरेट है और इसे सबसे ज्यादा लगाया जाता है।
- बोआई समय: पूरा नवंबर – दिसंबर
- बीज मात्रा: 45 किलो प्रति एकड़
- रोग कम लगना
- बालियों की संख्या ज्यादा
- पकने का समय: 130–135 दिन
- उपज: 24–26 क्विंटल प्रति एकड़
इसकी मजबूती और उत्पादन इसे Gehu ki Top Variety in India में शीर्ष स्थान दिलाती है।
4. PBW 550
यह किस्म कम ऊंचाई के कारण गिरने की समस्या से पूरी तरह सुरक्षित मानी जाती है।
- बोआई समय: 25 नवंबर तक
- पौधे की ऊंचाई: 86 cm
- पकने का समय: 140–150 दिन
- बीज मात्रा: 45 किलो प्रति एकड़
- उपज: 23–26 क्विंटल प्रति एकड़
कम हाइट की वजह से यह तेज हवा या बारिश में नहीं गिरती, इसलिए उत्पादन स्थिर रहता है।
5. HD 3236
इस किस्म को नवंबर माह के अंतिम दिनों में बोना उपयुक्त माना जाता है।
- पकने का समय: 150–155 दिन
- पौधे की ऊंचाई: 106 cm
- मजबूत तना
- 4–5 सिंचाई आवश्यक
- रोग प्रतिरोधक
- उपज: 24–26 क्विंटल प्रति एकड़
किसानों में इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है क्योंकि यह मुश्किल मौसम में भी अच्छी पैदावार देती है।
FAQs: Gehu ki Top Variety in India
भारत में सबसे ज्यादा उत्पादन देने वाली गेहूँ किस्म कौन सी है?
DBW 187 और Shriram 272 किसानों के लिए सबसे ज्यादा उत्पादन देने वाली प्रमुख किस्में मानी जाती हैं।
गेहूँ की उन्नत किस्मों की बीज दर कितनी होती है?
अधिकतर किस्मों की बीज मात्रा 40–45 किलो प्रति एकड़ रखी जाती है।
गेहूँ फसल को कितनी सिंचाई की आवश्यकता होती है?
सामान्यतः 4 सिंचाई की आवश्यकता होती है, कुछ किस्मों में 5 भी।
गेहूँ की टॉप किस्में कितने दिनों में तैयार होती हैं?
अधिकांश किस्में 140–150 दिनों में पककर तैयार हो जाती हैं।
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पुरुषोत्तम बिसेन कृषि आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म sacchikheti.com के संस्थापक और कंटेंट क्रिएटर हैं। उन्होंने B.Sc. एग्रीकल्चर में स्नातक किया है और वे किसानों के लिए स्वयं कृषि से जुड़ा कंटेंट लिखते हैं।
