डेयरी बिजनेस का सपना अब होगा पूरा, नाबार्ड डेयरी लोन योजना 2026 की पूरी गाइड

डेयरी बिजनेस का सपना अब होगा पूरा, नाबार्ड डेयरी लोन योजना 2026 की पूरी गाइड

अगर आप किसान या पशुपालक हैं और डेयरी व्यवसाय शुरू करने या उसे बढ़ाने का सपना देख रहे हैं, लेकिन पूंजी की कमी आड़े आ रही है, तो नाबार्ड डेयरी लोन योजना आपके लिए उम्मीद की नई रोशनी है। यह योजना न सिर्फ कम ब्याज दर पर लोन दिलाने में मदद करती है, बल्कि सरकारी सब्सिडी और बैंक सपोर्ट के जरिए आपके डेयरी बिजनेस को मजबूत आधार भी देती है। सही जानकारी, सही दस्तावेज और सही योजना के साथ आप दूध उत्पादन से स्थायी आय का जरिया बना सकते हैं।

नाबार्ड डेयरी लोन योजना क्या है?

नाबार्ड डेयरी लोन योजना 2026 भारत सरकार समर्थित एक वित्तीय व्यवस्था है, जिसके तहत किसानों और पशुपालकों को डेयरी व्यवसाय के लिए आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। नाबार्ड (National Bank for Agriculture and Rural Development) की स्थापना 1982 में हुई थी, जिसका उद्देश्य कृषि और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि नाबार्ड सीधे आम लोगों को लोन नहीं देता, बल्कि बैंकों को रिफाइनेंस करता है, ताकि बैंक किसानों को कम ब्याज दर पर लोन दे सकें।

डेयरी बिजनेस का सपना अब होगा पूरा, नाबार्ड डेयरी लोन योजना 2026 की पूरी गाइड

नाबार्ड डेयरी लोन योजना – संक्षिप्त जानकारी

विवरणजानकारी
योजना का नामनाबार्ड डेयरी लोन योजना 2026
ब्याज दर4% – 5% (लगभग)
लोन देने वालाबैंक (नाबार्ड रिफाइनेंस)
लाभार्थीकिसान, पशुपालक
आवश्यक ट्रेनिंग7–10 दिन
सब्सिडी25-35% तक सब्सिडी

नाबार्ड के तहत डेयरी लोन कैसे मिलता है?

जब आप नाबार्ड डेयरी लोन योजना के तहत लोन लेना चाहते हैं, तो आपको सीधे नाबार्ड नहीं बल्कि अपने नजदीकी बैंक SBI, PNB, Bank of Baroda, Central Bank, Canara Bank, RRB (ग्रामीण बैंक) और सहकारी बैंक में आवेदन करना होता है। बैंक आपकी फाइल की जांच करता है और नाबार्ड से रिफाइनेंस लेकर आपको लोन उपलब्ध कराता है।

इस योजना के तहत आमतौर पर 4% से 5% तक की ब्याज दर पर लोन मिल सकता है। यदि राज्य या केंद्र सरकार की कोई सब्सिडी योजना लागू हो, तो उसका लाभ भी लिया जा सकता है।

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डेयरी बिजनेस का सपना अब होगा पूरा, नाबार्ड डेयरी लोन योजना 2026 की पूरी गाइड

डेयरी लोन के लिए जरूरी दस्तावेज

नाबार्ड डेयरी लोन योजना के लिए आवेदन करते समय नीचे दिए गए दस्तावेज बेहद जरूरी होते हैं:

  • डेयरी ट्रेनिंग सर्टिफिकेट (7–10 दिन की मान्यता प्राप्त ट्रेनिंग)
  • डेयरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट (पशु संख्या, नस्ल, उत्पादन, बिक्री, खर्च, मुनाफा)
  • भूमि दस्तावेज (खुद की जमीन या 10 साल का रजिस्टर्ड लीज एग्रीमेंट)
  • केवाईसी दस्तावेज (आधार, पैन, वोटर आईडी, बैंक पासबुक)
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • पिछला डेयरी अनुभव प्रमाण (यदि हो)
  • पिछले 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट और ITR (यदि लागू हो)

बैंक की जांच और लोन स्वीकृति प्रक्रिया

बैंक आपकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट की व्यवहारिकता, दूध बिक्री की संभावना, और अनुमानित मुनाफे की जांच करता है। इसके साथ ही आपका सिबिल स्कोर, भूमि व्यवस्था और केवाईसी की भी समीक्षा की जाती है।

बैंक अधिकारी प्री-वेरिफिकेशन में आपके शेड, चारे और पशु रखने की व्यवस्था देखते हैं। पशु खरीद के समय उनका हेल्थ सर्टिफिकेट और इंश्योरेंस भी अनिवार्य होता है। लोन स्वीकृति के बाद पोस्ट-वेरिफिकेशन किया जाता है।

नाबार्ड डेयरी लोन आवेदन प्रक्रिया

  1. डेयरी ट्रेनिंग पूरी करें
  2. प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करवाएं
  3. सभी दस्तावेज इकट्ठा करें
  4. नजदीकी बैंक में आवेदन फॉर्म भरें
  5. स्पष्ट बताएं कि आप नाबार्ड डेयरी लोन योजना के तहत लोन चाहते हैं
  6. बैंक द्वारा जांच के बाद लोन स्वीकृत होगा

लोन की राशि सीधे पशु विक्रेता या सप्लायर के खाते में भेजी जाती है।

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नाबार्ड योजना के फायदे

कम ब्याज दर पर लोन मिलने से किसानों पर आर्थिक दबाव कम पड़ता है।

सरकारी और सहकारी बैंकों के माध्यम से सुरक्षित और भरोसेमंद फाइनेंसिंग उपलब्ध होती है।

डेयरी के साथ-साथ पोल्ट्री फार्मिंग, मछली पालन, बकरी पालन और अन्य कृषि व्यवसायों के लिए भी लोन लिया जा सकता है।

अलग-अलग सरकारी सब्सिडी योजनाओं से जुड़ने का लाभ मिलता है।

छोटे और सीमांत किसानों को भी इस योजना के तहत लोन लेने का अवसर दिया जाता है।

ग्रामीण इलाकों में स्वरोजगार और आय के नए साधन विकसित होते हैं।

पशुओं का बीमा अनिवार्य होने से बीमारी या मृत्यु की स्थिति में आर्थिक नुकसान कम होता है।

लोन की राशि सीधे पशु विक्रेता या सप्लायर के खाते में भेजी जाती है, जिससे लेन-देन में पारदर्शिता बनी रहती है।

नाबार्ड डेयरी लोन योजना के अलावा पोल्ट्री फार्मिंग, फिशरी, बकरी पालन और अन्य कृषि आधारित व्यवसायों के लिए भी फाइनेंस उपलब्ध कराता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय दोनों बढ़ती है।

निष्कर्ष

अगर आप कम पूंजी में बड़ा डेयरी बिजनेस खड़ा करना चाहते हैं, तो नाबार्ड डेयरी लोन योजना आपके लिए एक बेहतरीन अवसर है। सही योजना, दस्तावेज और बैंक मार्गदर्शन के साथ आप आत्मनिर्भर बन सकते हैं और नियमित आय हासिल कर सकते हैं।

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