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सरसो जो एकवर्षीय फसल है जिसे सिर्फ साल में एक बार लगाया जाता है यह फसल दिसम्बर माह में लगाईं जाती है और मार्च अप्रैल में इसकी कटाई की जाती है इस फसल के बीज से तेल निकला जाता है है जिसे अचार ,साबू या अन्य खाद्य पदार्थ बनाने में उपयोग किया जात है सरसो के तेल में चरपराहट का कारण आइसोथायो सायनेट होता है | इसके बीज दो कलर के होते है लाल और पीले | और इसकी फसल में अक्सर माहू कीट लगता है और इसी कीट का नियंत्रण हम आज आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताने वाले है |

माहू कीट आखिर होते है कैसे ,इनका सरसों की फसल में कब और कैसे आना होता है और फिर उसके बाद हम जानेंगे की सर्स्सों की फसल में माहू कीट के नियंत्रण में कौनसे रासायनिक और खाद्य उर्वरक की आवश्यकता होती है | यदि आप भी सरसों की बुआई करते है या करने वाले है तो यह आर्टिकल को ध्यानपूर्वक जरुर पड़े |

माहू कीट की दवा

यह कीट सर्सून की फसल में अक्सर लगता है यह दिखने में हल्का हरा और यह सरसों के फूल में लगता है कुछ जगहों पर इसे रस चूस कीट भी कहा जाता है जब सर्दी के बाद फरवरी और मार्च आता है तो दिन का तापमान सामान्य की जगह थोडा सा बढ़ जाता है और इसी समय इस कीट का सरसों की फसल में आना होता है और यह कीट सरसो की टहनियों एवं फुल में चिपक जाती है जो रस चूसने का काम करती है पत्तियों और टहनियों में ये कीट लगने की वजह् से पत्तिया टहनिय गल जाती है और वह प्रकाश संस्लेषण की मदद से भोजन नहीं बना पाते है |

सरसों की खेती में माहू कीट का नियंत्रण कैसे करे, जानिए पूरी विधि | माहू कीट की दवा 2025

यह कीट फुल पर भी चिपकने लगते है और फुल के रस चूसने की वजह से सरसो के दानो में बीज अच्छे से नहीं बन पाते है इन कीटो की वजह से अगर सरसों की फसल को समय पर नहीं बचाया जाए तो सरसो की फसल 60 से 70 % प्रभावित हो जायेंगी |

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सरसों के माहू कीट नियंत्रण की आर्गेनिक पद्धति

इन कीट के नियंत्रण के लिए आपको organic पध्हती में आपको प्रति 15 लीटर पानी में 50ml नीम आयल लेना है और अच्छी तरह से घोल बनाकर अपनी सरसो की फसल में इसका स्प्रे कर देना है |इसके अलावा आप येलो ट्रैप लगाकर भी सरसो की फसल में माहू कीट को नियंत्रण कर सकते है लेकिन येलो ट्रैप ज्यादा कारीगर साबित नहीं हो पाता है |

सरसों के माहू कीट नियंत्रण की रासायनिक पद्धति

इस कीट से नियंत्रण पाने के लिए आपको सबसे पहले imidacloropid 17.8 sl ,15 लीटर पानी में कवल 15 से 20 ml मिलाकर घोल लेना है और अपनी फसल में अच्छी तरह स्प्रे कर लेना है इसके अलावा आप किसान भाई cloropirifos 20% 15 लीटर पानी में 15 वसे 20 ml मिलाकर घोल बना ले और उसे फसल पर स्प्रे कर दे और आप इस तरह से करते है तो आप माहू कीट को बढ़ी ही आसानी से अपनी फसल से हटा सकते है |

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