लौकी तोड़ने थक जाओगे साल में 3 फसल और 12 लाख रूपए की कमाई (4 गुना उत्पादन की ट्रिक)

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लौकी को लगभग पुरे भारत में उगाया जाता है लौकी को लगाने के कई तरीके है कई तरह की वैरायटी आती है और कौनसे सीजन में लगाने से ज्यादा किसानो को मुनाफा मिल सकता है और वो कौनसे येसे 5 टिप्स है जिन्हें अपनाके किसान भाई ज्यादा उत्पादन और ज्यादा भाव में अपनी लौकी बेच सकते है

लौकी की खेती कहाँ की जा सकती है

लौकी की खेती लगभग पुरे भारत में की जा सकती है लौकी का फसल चक्र मात्र 90 से 100 दिन का होता है इस तरह से किसान भाई एक साल में 3 फसल निकाल सकते है और अच्छा मुनाफा भी कमाते है

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लौकी को लगाने का सही समय क्या है

लौकी को आप जून और जुलाई महीने में लगा सकते है इस महीने में लगाने से सबसे ज्यादा उत्पादन मिलता है इसके अलावा जनुअरी फरवरी महीने में भी लगा सकते है इसके अलावा सितम्बर और नवम्बर महीने में भी लगा सकते है

लौकी को लगाने का तरीका

लौकी को कई तरीके से लगाया जाता है एक तो छिडकाव विधि से और दूसरा बेड विधि से लगाया जाता है और तीसरा मचान विधि से लगाया जाता है मचान विधि में भी 2 तरीके होते है एक दिवार की तरह और दूसरा छत नुमा

भारत में सबसे ज्यादा लौकी की खेती मचान विधि से की जाती है क्योकि इस विधि उत्पादन अच्छा मिलता है और अच्छा भाव भी मिलता है

1 एकड़ में मचान विधि से लौकी लगाने का खर्चा 35 से 40 हज़ार रूपए आता है और यह खर्चा एक बार होता है इससे आप उसी मचान से 5 से 6 बार फसल निकाल सकते है

लौकी तोड़ने थक जाओगे साल में 3 फसल और 12 लाख रूपए की कमाई (4 गुना उत्पादन की ट्रिक)

लौकी को लगाने में क्या सावधानिया बरतनी है

  • सबसे पहले seed का ट्रीटमेंट जरुर करें ताकि कीट आपके बीज को खराब ना करें
  • पौधे से पौधे की दुरी 1.5 से 4 फीट की रखे
  • और लाइन से लाइन की दुरी 6 से 8 फिट रख सकते है
  • मेड में पौधे से पौधे की दुरी 4 फीट और मेड से मेड की दुरी 8 से 10 फिट राखी जाती है

लौकी में न्यूट्रिशन की मात्रा

न्यूट्रिशन का कोई भी फसल में अच्छा महत्त्व होता है चाहे आप पाली हाउस से या मचान विधि से करें कोई भी विधि अपनाये अगर आपने न्यूट्रिशन सही नहीं दिया है तो आपका उत्पादन सही नहीं होगा

लौकी की खेती में प्रति एकड़ 50 kg न्यूट्रिशन , 40 kg पोटेशियम और 35 kg फास्फोरस होना चाहिए अगर आप जैविक खेती करते है तो आपको वर्मी कम्पोस्ट की जरुरत होगी

लौकी की खेती में होने वाली बिमारिया एवं रोकथाम

मुख्यतः लौकी में 3 बिमारिया आती है

1. लाल भ्रग कीट / red bittle

2. सफ़ेद मखी

3. फल सडन

लौकी में सबसे ज्यादा लाल भ्रग कीट की बीमारी सबसे ज्यादा देखने को मिलती है उसके बाद फल सडन और उसके बाद सफ़ेद मख्खी

रोकथाम : लौकी के रोकथाम के लिए mahathion दवा का इस्तेमाल कर सकते है इसे 2 ml प्रति लीटर पानी में मिलकर हर 15 से 20 दिनों में छिडकाव करें और फल सडन के लिए आप bavistin दवा का छिडकाव करें

(5 टिप्स) लौकी से ज्यादा उत्पादन एवं मुनाफा बढाने के लिए

1. गोबर खाद : प्रति एकड़ प्रति वर्ष लौकी की खेती के लिए आपको 12 टन गोबर खाद को खेत में डाले और अच्छे से खेत की जुताई करें

2. मचान विधि का इस्तेमाल : मचान विधि से अगर लौकी लगाते है तो फल का साइज़ भी अच्छा रहता है और उत्पादन भी ज्यादा मिलता है

3. 3G कटाई : लौकी के बेल को तोडा जाता है लौकी के पौधों का फैलाव बढ़ाते है तो मादा फूलो की संख्या बाद जाती है और इससे फल अच्छा बनता है

4. लौकी लगाने का सही समय : ज्यादातर किसान भाई अच्छा उत्पादन और भाव पाने के लिए जून जुलाई में लौकी की खेती करते है

5. लौकी का साइज़ / वजन : बहुत से किसान भाई ज्यादा वजनदार वाली लौकी उगा लेते है जबकि मार्केट में ज्यादा वजन वाली लौकी की डिमांड नहीं होती है इसलिए लौकी की साइज़ 500 से 700 ग्राम रख तुडाई करले क्योकि इस साइज़ की डिमांड मार्केट में ज्यादा होती है

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