सिर्फ 1 एकड़ में 3 लाख की कमाई जानिए गर्मियों में पालक की उन्नत खेती का पूरा राज

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गर्मियों के दिनों में पालक की उन्नत खेती किसानों के लिए बेहतरीन आमदनी का साधन बन सकती है। अप्रैल और मई के महीने में यदि आप क्यारी विधि से खेती करें और सिंचाई के अच्छे साधन हों, तो पालक की फसल से आप कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। इस लेख में हम आपको पालक की खेती की पूरी जानकारी देंगे।

खेत की तैयारी और क्यारी विधि

सबसे पहले खेत की अच्छी तैयारी करें। क्यारी विधि अपनाएं, जिससे सिंचाई और जल निकासी में मदद मिलेगी। रेन पाइप लगाकर आप फसल को आर्टिफिशियल बरसात जैसा अनुभव दे सकते हैं, जिससे गर्मियों में ठंडक बनी रहती है और फसल बेहतर बढ़ती है।

खेत की मिट्टी उपजाऊ दोमट, बालुई दोमट या काली दोमट होनी चाहिए। खेत में पानी रुकने की समस्या न हो, इसके लिए उत्तम जल निकासी का प्रबंध ज़रूरी है।

सिर्फ 1 एकड़ में 3 लाख की कमाई जानिए गर्मियों में पालक की उन्नत खेती का पूरा राज

उन्नत किस्मों का चयन

अच्छी पैदावार के लिए निम्न किस्मों को प्राथमिकता दें:

  • नामधारी सीड्स: NS 1479

  • श्रीराम: ग्रीन बॉर्डर

  • इंडो अमेरिकन: कोलकाता

  • सरपन: स्पिनच-11

अपने क्षेत्र के अनुसार उपयुक्त किस्म का चुनाव करें, जिससे पैदावार शानदार मिल सके।

बीज मात्रा और उपचार

1 एकड़ खेत के लिए 10–12 किलो बीज पर्याप्त होंगे।
बीज उपचार ज़रूर करें ताकि फसल में फंगस या जड़ों की समस्याएं न हों।
उदाहरण: 1 किलो बीज में 5 ग्राम फंगीसाइड (जैसे सीएम 75) मिलाकर उपचार करें।

बुवाई विधि

  • 3–4 फीट चौड़ी क्यारी बनाएं।

  • बीजों को 2–3 सेमी गहराई में बोएं।

  • बहुत गहराई में बुवाई न करें, वरना अंकुरण खराब हो सकता है।

सिंचाई प्रबंधन

  • रेन पाइप का उपयोग गर्मियों में सबसे बेहतर रहता है।

  • फ्लैट इरीगेशन या स्प्रिंकल सिंचाई से भी फसल अच्छी रहती है।

  • सिंचाई हमेशा हल्की और बार-बार करें ताकि पौधों को पर्याप्त नमी मिले।

खरपतवार नियंत्रण

खरपतवार नियंत्रण के लिए:

  • रसायनों का प्रयोग न करें।

  • समय-समय पर मजदूरों की सहायता से निराई-गुड़ाई करें।

  • इससे फसल स्वस्थ रहती है और अगली फसल पर विल्ट रोग का खतरा नहीं रहता।

कीट और रोग नियंत्रण

25–30 दिन की फसल में:

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  • UPL लंसर गोल्ड (40 ग्राम) + एंट्राकल (40 ग्राम) को 15 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें।

  • साथ में रेपीग्रो, ह्यूमिसोल या सियापोन में से किसी एक टॉनिक का छिड़काव करें।

खाद प्रबंधन

18–35 दिन की फसल में:

  • यूरिया: 30 किलो प्रति एकड़

  • माइक्रोन्यूट्रिएंट्स: 5 किलो

  • सल्फर: 3 किलो
    इन सभी को मिलाकर प्रयोग करें।

लाइफ साइकिल और उत्पादन लागत

पालक की फसल 30–40 दिनों में तैयार हो जाती है।
1 एकड़ में कुल लागत ₹10,000–12,000 आती है।
किसान भाई आसानी से ₹1.5 लाख तक की आमदनी कर सकते हैं, जो बहुत आकर्षक मुनाफा है।

निष्कर्ष

गर्मियों में पालक की खेती एक बेहतरीन विकल्प है। कम समय में, कम लागत पर अधिक लाभ के लिए ऊपर बताए गए सुझाव अपनाएं। किसान भाईयों को इस सीजन में पालक की उन्नत खेती ज़रूर करनी चाहिए ताकि अच्छी कमाई की जा सके।

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